राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन ने कालाबाजारी और दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्ती बरतने के निर्देश भी जारी किए हैं। साथ ही शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है।
अधिकारियों को गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी उपभोक्ता को गैस या ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खाद्य सचिव ने कहा कि परीक्षाओं के समय स्कूल और छात्रावासों को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जरूरतमंद होटलों को लगभग 15 प्रतिशत तक कमर्शियल सप्लाई दी जा सकती है।
अधिकारियों को जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
बैठक में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी डिपो में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और रोजाना सप्लाई पर निगरानी जारी रहेगी।
उधर दुर्ग जिले में भी घरेलू एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस वितरकों के साथ बैठक कर व्यवस्था की जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। जिले में उज्ज्वला योजना सहित लगभग 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और रोजाना करीब 9750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आवश्यक संस्थानों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को ही दिए जा रहे हैं। साथ ही डीजल और पेट्रोल का भी पर्याप्त स्टॉक बताया गया है।
जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनका ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द अपनी गैस एजेंसी में जाकर प्रक्रिया पूरी कर लें। किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क किया जा सकता है।
इधर छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी कमर्शियल एलपीजी की कमी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और क्लाउड किचन संचालकों से एकजुट रहने और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी साझा करते रहने की अपील की गई है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि घबराहट में सिलेंडर खरीदने या जमाखोरी से बचें, क्योंकि इससे स्थिति और खराब हो सकती है। आवश्यक रसोई संचालन और पहले से तय कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
जहां संभव हो वहां इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट, इलेक्ट्रिक राइस कुकर और इलेक्ट्रिक केतली जैसे उपकरणों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। साथ ही वैकल्पिक ईंधन जैसे पीएनजी, बल्क एलपीजी स्टोरेज और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई है।
एसोसिएशन ने कहा है कि इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और एलपीजी आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में रहा जा रहा है।
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