ऐसी स्थिति में कई लोग ब्लैक में महंगे दाम पर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि घर में गैस न हो तो दो वक्त का खाना बनाना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन पहले जब गैस सिलेंडर नहीं हुआ करते थे या आज भी जिन गांवों में गैस की सुविधा नहीं है, वहां लोग दूसरे तरीकों से ही खाना बनाते हैं।
इन्हीं पारंपरिक और आधुनिक विकल्पों को अपनाकर आप भी गैस के बिना आसानी से खाना पका सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे स्मार्ट विकल्प, जिनकी मदद से रसोई का काम आसानी से चल सकता है।
इंडक्शन चूल्हा
अगर गैस सिलेंडर खत्म हो गया है और नया सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, तो इंडक्शन चूल्हा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह बिजली से चलता है और खाना जल्दी पक जाता है। हालांकि इसमें इंडक्शन फ्रेंडली बर्तनों की जरूरत होती है, जो बाजार में आसानी से मिल जाते हैं।
इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर
आजकल कई घरों में इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें चावल, दाल, सब्जी, पुलाव, बिरयानी और अन्य कई चीजें आसानी से बनाई जा सकती हैं। यह बिजली से चलता है और खाना सामान्य कुकर की तुलना में जल्दी पक जाता है।
सोलर कुकर
सोलर कुकर भी आजकल बाजार में उपलब्ध है। इसमें खाना पकाने के लिए गैस या बिजली की जरूरत नहीं होती, बल्कि सूरज की रोशनी से ही भोजन तैयार किया जा सकता है। हालांकि बादल या रात के समय इसका इस्तेमाल संभव नहीं होता।
बायोगैस चूल्हा
गांवों में बायोगैस चूल्हा काफी उपयोग में लाया जाता है। इसमें गोबर और जैविक कचरे से गैस बनाकर भोजन तैयार किया जाता है। यह सस्ता होने के साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाता है।
लकड़ी और कोयले का चूल्हा
अगर घर में आंगन या खुला स्थान है, तो लकड़ी या कोयले के चूल्हे पर भी खाना पकाया जा सकता है। बाजार में बने हुए मिट्टी के चूल्हे भी मिल जाते हैं, जिनमें उपले, लकड़ी या कोयला जलाकर भोजन तैयार किया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक चूल्हा
बिजली से चलने वाला इलेक्ट्रिक चूल्हा भी एक आसान विकल्प है। इसमें स्टील या एल्यूमिनियम के सामान्य बर्तन भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं और इसका उपयोग करना भी काफी सरल होता है।
एयर फ्रायर
एयर फ्रायर में स्नैक्स, सैंडविच और कुकीज जैसी चीजें तैयार की जा सकती हैं। यह भी बिजली से चलता है और कम समय में खाना तैयार हो जाता है।
माइक्रोवेव ओवन
माइक्रोवेव ओवन में भी चावल, दाल, सूखी सब्जी और कई तरह की रेसिपी बनाई जा सकती हैं। हालांकि यह बिजली से चलता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
स्टोव
मिट्टी के तेल से चलने वाला स्टोव भी एक समय में काफी इस्तेमाल होता था। अगर अचानक गैस खत्म हो जाए, तो इस स्टोव की मदद से भी खाना पकाया जा सकता है।
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