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महादेव सट्टा केस: सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की संपत्ति अटैच, बुर्ज खलीफा में लिया गया अपार्टमेंट भी शामिल!

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं, जिससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि 25 मार्च को रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत यह कार्रवाई की। जांच में कुल 20 अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनमें 18 दुबई और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1700 करोड़ रुपए बताई जा रही है।


Mahadev Satta Case ED Action Dubai Properties Burj Khalifa Apartment Seized

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार  इन संपत्तियों में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में लिया गया अपार्टमेंट भी शामिल है। जांच में खुलासा हुआ कि सट्टे से कमाए गए पैसों से लग्जरी बंगले और महंगी कारें खरीदी गई थीं।

ED के मुताबिक, दुबई के प्राइम लोकेशन जैसे Dubai Hills Estate, Business Bay और SLS Hotel & Residences में आलीशान विला और अपार्टमेंट शामिल हैं। ये सभी प्रॉपर्टी हाई-एंड कैटेगरी की बताई जा रही हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों से जुड़ी हैं, जिन्हें अलग-अलग नामों पर कंट्रोल किया जा रहा था।

पूछताछ में सामने आया कि यह पूरी संपत्ति अवैध सट्टेबाजी और बेटिंग प्लेटफॉर्म से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थी। इस केस की शुरुआत छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज FIR के आधार पर हुई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महादेव ऑनलाइन बुक एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क की तरह काम करता था। Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में इसका जाल फैलाया गया था।

यह पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलता था, जिसमें अलग-अलग “पैनल” बनाकर नेटवर्क बढ़ाया गया। ED के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से इस पूरे सिस्टम को कंट्रोल करते थे।

इतना ही नहीं, हजारों डमी बैंक अकाउंट खोले गए और आम लोगों के KYC का गलत इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हवाला, क्रिप्टो और लेयरिंग के जरिए पैसा विदेश भेजा गया और फिर महंगी प्रॉपर्टी में निवेश किया गया।

अब तक इस मामले में ED 175 से ज्यादा जगहों पर सर्च ऑपरेशन कर चुकी है। 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। साथ ही 4336 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल और शुभम सोनी के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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