मामला तमनार ब्लॉक के आमाघाट का है, जहां करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की फसल उगाई जा रही थी। सूचना मिलते ही 20 मार्च को पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों में प्रदेश में यह चौथा मामला है, जब अफीम की खेती पकड़ी गई है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग, 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी झारखंड से आकर अपने ससुराल तमनार में रहने लगा था। वहीं, अपने साथियों को देखकर उसने भी यहां अफीम की खेती शुरू की। हालांकि इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है।
इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा में एक भाजपा नेता के फार्महाउस में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। वहीं बलरामपुर के कुसमी और कोरंधा में भी अलग-अलग जगहों पर अफीम की फसल मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
कोरंधा और आसपास का इलाका पहाड़ी और सुनसान होने की वजह से यहां लोगों की आवाजाही कम रहती है। इसी का फायदा उठाकर छिपकर अफीम की खेती की जा रही थी।
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