सरगुजा जिले में हुई इस अनोखी शादी में दुल्हन देवमुनि एक्का ने समाज की परंपराओं को अलग अंदाज में निभाया। आमतौर पर जहां दूल्हा बारात लेकर जाता है, वहीं यहां दुल्हन बारात लेकर दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंची।
मसीही रीति-रिवाज से हुए इस विवाह में कन्यादान की जगह ‘वरदान’ की रस्म निभाई गई। सबसे खास पल तब आया, जब शादी के बाद दूल्हे की विदाई हुई और वह भावुक होकर फूट-फूटकर रोने लगा।
इस अनोखी शादी के पीछे परिवार की एक खास वजह भी रही। दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने बताया कि उनके घर में चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। ऐसे में उन्होंने यह फैसला लिया कि वे दामाद को ही अपने घर में बेटे की तरह रखेंगे।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय समाज को भले अलग लगे, लेकिन उनके परिवार के लिए जरूरी था। इसी सोच के साथ उन्होंने सुपलगा निवासी बरवा परिवार के युवक बिलासुस बरवा से अपनी बेटी का रिश्ता तय किया, जो घर जमाई बनने के लिए तैयार हो गया।
शादी में शामिल बारातियों के लिए भी यह अनुभव बिल्कुल नया रहा। ग्राम पैगा के रहने वाले साधू राम टोप्पो ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऐसा देखा है, जहां दुल्हन बारात लेकर आई हो।
विज्ञापन
यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..
यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.
यह भी पढ़े -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे
https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla

.jpg)

