मामला कुदरहा सीएचसी का है, जहां प्रसव के दौरान स्टाफ की कथित लापरवाही सामने आई। जानकारी के मुताबिक, मुरादपुर गांव निवासी नीरज कुमार की पत्नी प्रेमा देवी को 8 अप्रैल को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। परिजन उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही बच्चे के पैर बाहर आने लगे।
इस हालत को देखकर अस्पताल स्टाफ घबरा गया और महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि वहां भी समय पर इलाज शुरू नहीं हुआ और पैसे लिए गए। इसके बाद परिजन महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में महिला की हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। करीब 2 घंटे चले जटिल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में जहां बच्चा पैरों की ओर से आता है, स्थिति बेहद संवेदनशील होती है और इसमें खास सावधानी जरूरी होती है।
पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी रिपोर्ट मंगाने की बात कही है।
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