जगन्नाथ धाम, जो चार धामों में से एक माना जाता है, ओडिशा के पुरी में स्थित है। इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लोक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ मंदिर का निर्माण राजा इंद्रद्युम्न ने कराया था। कहा जाता है कि उन्हें स्वयं भगवान विष्णु ने दर्शन देकर इस मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था।
मान्यता है कि एक समय समुद्र की तेज लहरों ने तीन बार मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। तब भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को मंदिर की रक्षा और समुद्र की लहरों को नियंत्रित करने का आदेश दिया।
हनुमान जी ने पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन जब भी उन्हें कहीं श्रीराम का भजन या कीर्तन सुनाई देता, वे पहरेदारी छोड़कर वहां चले जाते थे। ऐसे में समुद्र की लहरों को मौका मिल जाता और वे मंदिर के अंदर प्रवेश कर जातीं।
यही कारण बताया जाता है कि भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को सोने की बेड़ियों से बांध दिया, ताकि वे हमेशा वहीं रहकर मंदिर की रक्षा कर सकें।
आज भी यह मान्यता है कि हनुमान जी उसी आदेश का पालन कर रहे हैं और मंदिर की सुरक्षा में लगे हुए हैं।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भिलाई की पत्रिका न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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