धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब मनुष्य इस संसार को छोड़ता है, तब उसकी आत्मा एक अनजानी यात्रा पर निकलती है। इस दौरान कुछ ऐसी पवित्र चीजों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें मुंह में रखने की परंपरा बताई गई है, ताकि आत्मा को मोक्ष का मार्ग मिल सके।
दूसरी महत्वपूर्ण चीज गंगाजल मानी जाती है। गंगा जल को पापों से मुक्ति दिलाने वाला पवित्र अमृत माना गया है। ऐसा विश्वास है कि अंतिम समय में गंगाजल देने से आत्मा को शांति मिलती है और वह बिना किसी कष्ट के शरीर का त्याग कर पाती है।
तीसरी और अहम वस्तु तुलसी का पत्ता है। तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुंह में तुलसी रखने से आत्मा को यम के दंड से मुक्ति मिलती है और उसे वैकुंठ की प्राप्ति का मार्ग मिलता है।
इन परंपराओं को केवल रस्म नहीं, बल्कि आत्मा के प्रति अंतिम सम्मान के रूप में देखा जाता है। यह मान्यता परिवार के लोगों को भी मानसिक शांति देती है कि उन्होंने अपने प्रियजन को विदा करते समय धर्म के अनुसार कर्तव्य निभाया।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भिलाई की पत्रिका न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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