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आज से शुरू हुआ वैशाख माह 2026: दान-पुण्य से मिलेगा अक्षय फल, जानें कब है अक्षय तृतीया और शुभ मुहूर्त?

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : आज से शुरू हुआ पुण्य का महीना, जानिए क्यों खास है वैशाख

आज से वैशाख माह की शुरुआत हो गई है, जिसे हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना दान-पुण्य और स्नान के लिए बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस दौरान किए गए अच्छे कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता।

स्नान-दान से मिलता है अक्षय पुण्य
धर्म शास्त्रों में वैशाख माह का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस महीने में जल का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है। साथ ही पवित्र नदियों में स्नान करने और धर्म कार्य करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है।

Vaishakh Month 2026 Start Akshaya Tritiya Date Puja Muhurat Hindu Festival Image

इन तिथियों में शुरू हुआ वैशाख माह
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की प्रतिपदा तिथि 2 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजकर 42 मिनट पर शुरू हुई। इसका समापन अगले दिन सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर हो रहा है।

भगवान विष्णु के अवतारों से जुड़ा है ये महीना
वैशाख माह का संबंध विशाखा नक्षत्र से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी महीने भगवान विष्णु ने नर-नारायण, नृसिंह और परशुराम जैसे अवतार लिए थे। साथ ही माता सीता का जन्म भी इसी माह में माना जाता है। यही वजह है कि इस महीने को अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ माना गया है।

माधव माह क्यों कहा जाता है?
मान्यता है कि इसी माह में भगवान विष्णु ने मधु नाम के राक्षस का अंत किया था। इसी कारण वैशाख को माधव माह भी कहा जाता है और इसे सभी महीनों में सबसे उत्तम माना गया है।

कब मनाई जाएगी अक्षय तृतीया 2026
इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट पर होगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा
अक्षय तृतीया के दिन पूजा का शुभ समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस दौरान मां लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना गया है।

सोना खरीदने का सही समय
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है। इस साल सोना खरीदने का मुहूर्त 19 अप्रैल सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था। इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी मानी जाती है। साथ ही धन के देवता कुबेर ने भगवान शिव की तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया था, जिसके बाद उन्हें देवताओं का कोषाध्यक्ष बनाया गया।

अगर आप भी चाहते हैं जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, तो इस वैशाख माह में दान-पुण्य जरूर करें। ऐसी ही धर्म और परंपरा से जुड़ी खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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