सरकार ने वेतनमान नियमों में बदलाव करते हुए 31 मार्च 2026 तक नियुक्त कर्मचारियों को दोनों योजनाओं में से किसी एक का चयन करने का विकल्प दिया है। वहीं 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को केवल समयमान वेतनमान योजना का लाभ मिलेगा।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यदि 31 मार्च 2026 तक नियुक्त कर्मचारी 9 जुलाई तक अपना विकल्प नहीं देते हैं, तो उन्हें स्वतः क्रमोन्नति वेतनमान योजना के दायरे में माना जाएगा। दूसरी ओर, 1 अप्रैल 2026 या इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के पास कोई विकल्प नहीं होगा और उन्हें समयमान वेतनमान योजना से ही जोड़ा जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में 9 जून को आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक कर्मचारी द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा। भविष्य में मिलने वाले उच्चतर वेतनमान का लाभ भी इसी आधार पर तय किया जाएगा।
कर्मचारियों द्वारा दिए गए विकल्प का सत्यापन संबंधित सक्षम प्राधिकारी करेंगे और उसे सेवा अभिलेख में दर्ज किया जाएगा। जिन विभागों के कुछ पद अभी समयमान वेतनमान में शामिल नहीं हैं, वे वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज सकेंगे।
क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के बीच चयन करते समय कर्मचारियों को अपने संवर्ग, पदोन्नति की संभावनाओं और भविष्य की वेतन वृद्धि का आकलन करना होगा। जिन विभागों में पदोन्नति के अवसर कम हैं, वहां क्रमोन्नति वेतनमान अधिक लाभकारी हो सकता है, क्योंकि इसमें उच्च पद के बराबर वेतनमान का लाभ मिलता है।
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वहीं समयमान वेतनमान सभी विभागों के लिए समान व्यवस्था है और सेवा अवधि पूरी होने पर निर्धारित वेतन स्तर का लाभ सुनिश्चित करता है।
सरकार के इस फैसले के साथ शिक्षक, उप अभियंता, वन क्षेत्रपाल समेत कई संवर्गों की विशेष क्रमोन्नति योजनाएं समाप्त होकर एक समान व्यवस्था में शामिल हो जाएंगी। अलग-अलग संवर्गों के अलग नियमों की जगह अब समयमान वेतनमान की समान प्रणाली लागू होगी, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होने की उम्मीद है।
यह फैसला केवल वेतनमान तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की कर्मचारी नीति में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में भर्ती, पदोन्नति और वेतन प्रबंधन की दिशा भी इसी से तय होगी।
राज्य के सबसे बड़े शिक्षक संवर्ग समेत कई कर्मचारियों को अब यह तय करना होगा कि उनके लिए उच्च पद के बराबर वेतनमान वाला क्रमोन्नति लाभ बेहतर है या सेवा अवधि आधारित समयमान वेतनमान।
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, 31 मार्च 2026 के बाद शिक्षक संवर्ग, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, निर्माण विभागों के उप अभियंता, वन विभाग के वन क्षेत्रपाल समेत विभिन्न संवर्गों की विशेष क्रमोन्नति योजनाओं को समाप्त माना जाएगा। इन सभी का समावेश वित्त विभाग द्वारा संचालित समयमान वेतनमान व्यवस्था में किया जाएगा।
क्रमोन्नति वेतनमान ऐसी व्यवस्था है, जिसमें कर्मचारी को लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिलने पर निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने के बाद उच्च पद के बराबर वेतनमान का लाभ दिया जाता है। हालांकि कर्मचारी का पद नहीं बदलता।
वहीं समयमान वेतनमान में कर्मचारी को उसकी सेवा अवधि के आधार पर उच्चतर वेतन स्तर का लाभ दिया जाता है, चाहे उसे पदोन्नति मिली हो या नहीं। इस व्यवस्था के नियम सभी विभागों के लिए समान हैं।
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
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