भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। निवेशकों का दावा है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपये तक की धोखाधड़ी की गई है।
बुधवार को निवेशकों ने मुख्य आरोपी योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने एरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उनके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने पूरे प्रदेश के लोगों को निवेश के नाम पर झांसा दिया। उनका दावा है कि 1000 से ज्यादा लोगों ने भरोसा कर रकम निवेश की और प्रदेशभर में 1000 से 1200 करोड़ रुपये तक की कथित ठगी हुई। पुलिस ने देर रात तक 7 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।
रिटायर्ड BSP कर्मचारी ने दर्ज कराई शिकायत
शिकायतकर्ता एवं रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को दी शिकायत में बताया कि एरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू और ज्ञानप्रकाश साहू ने निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी होने का दावा किया था। आरोपियों का कार्यालय स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है।
राजू नामदेव के अनुसार वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने की बात कही गई। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। इसके बाद उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपये योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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शिकायत के अनुसार शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और कार्यालय जाने के बाद भी केवल आश्वासन मिलता रहा। इसके बाद उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
कई अन्य निवेशकों ने भी लगाया रकम फंसने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि केवल राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपये, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपये, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख रुपये तथा अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपये निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। कई शिकायतकर्ता लगातार सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेशभर में इस मामले से जुड़ी और भी एफआईआर दर्ज हो सकती हैं।
आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थानों में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं और दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है।
बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक भी वहां पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाना ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दूसरे शिकायतकर्ता ने बताया डेढ़ करोड़ रुपये तक का नुकसान
शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश की योजना बताई गई। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी।
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उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपये निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने स्वयं करीब 74 लाख रुपये ट्रांसफर किए। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उनका कहना है कि केवल उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की रकम फंसी हुई है।
पूरे प्रदेश में हजारों लोगों के प्रभावित होने का दावा
विवेक सिंह का दावा है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं और कथित ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब उन्हें पता चला कि आरोपी कोर्ट पहुंचा है, तब निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। इस संबंध में भी उन्होंने पुलिस को आवेदन देने की बात कही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
फिलहाल सुपेला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं और निवेश की वास्तविक राशि कितनी है।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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