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छत्तीसगढ़ विधानसभा में राम मंदिर चंदा मुद्दे पर जोरदार हंगामा, कार्यवाही रही बाधित; नकटी गांव को लेकर AAP ने विधायक अनुज शर्मा के घर किया प्रदर्शन..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से गूंजा। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले कुछ देर के लिए रोकी गई और बाद में अगले दिन तक स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के विधायक राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े पोस्टर लेकर सदन पहुंचे। इस दौरान डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था के साथ धोखा हुआ है और पूरे मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में राम मंदिर चंदा मुद्दे पर हंगामा | विधानसभा सत्र और नकटी गांव प्रदर्शन

इस पर संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय विधानसभा और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि मामला छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं है।

इसके बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और हंगामा लगातार जारी रहा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी माहौल शांत नहीं हो सका।

इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था, लेकिन उस चंदे में ड...कै...ती पड़ गई। लगातार जारी हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने तथा रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीएड और डीएड कॉलेजों के संबंध में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है तथा 13 महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों को शुरू किए जाने की संभावना पर काम किया जा रहा है।

सत्र के दौरान पद्म विभूषण तीजन बाई को भी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तीजन बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा और उन्होंने पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में अलग पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि उनकी कला आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती रहेगी।

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वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि तीजन बाई सभी के दिलों के बेहद करीब थीं। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सुनने जाते थे और उनके निधन से प्रदेश ने एक महान लोक कलाकार को खो दिया। महंत ने यह भी कहा कि उनके हुनर को पहचान दिलाने में राजीव गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कांग्रेस कल लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन यानी 14 जुलाई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष इस बहाने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

नकटी गांव को लेकर AAP का प्रदर्शन

इधर, रायपुर के नकटी गांव में विस्थापित परिवारों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के निवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास की मांग उठाई।

पार्टी नेताओं ने कहा कि गरीबों का घर उजाड़कर विधायक कॉलोनी बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के रायपुर जिलाध्यक्ष नवनीत नंदे और यूथ विंग के जिलाध्यक्ष विकास दास मानिकपुरी ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नकटी के विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगों को भी दोहराया। इनमें प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास, चरागाह भूमि पर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के फैसले पर पुनर्विचार और गरीब, मजदूर, महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही।

आप नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान जनता के विश्वास से मिलता है, न कि गरीबों का आशियाना उजाड़कर।

'न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा'

प्रदर्शन में लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान, युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष इमरान खान, प्रदेश कार्यालय प्रभारी शिव शर्मा, महिला विंग जिला अध्यक्ष अनुराधा शुक्ला सहित पार्टी के प्रदेश और जिला पदाधिकारी मौजूद रहे।

आम आदमी पार्टी ने कहा कि नकटी के सभी प्रभावित परिवारों को न्याय, पुनर्वास और उनका अधिकार मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका संघर्ष जारी रहेगा।

नकटी मामले पर बढ़ा राजनीतिक माहौल

29 जून को नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद से यह मामला लगातार राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे पर प्रदर्शन, राज्यपाल से मुलाकात और विधानसभा में मामला उठाने की घोषणा कर चुकी है।

अब आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन के बाद नकटी गांव का मामला एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है और इसे लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।


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