जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे स्कूल परिसर के पीछे बने छत्ते से निकली मधुमक्खियां सीधे कक्षा 10 के विद्यार्थियों पर टूट पड़ीं। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं डंक से प्रभावित हो गए, जिससे पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव को जानकारी दी। स्थिति को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी रागिनी चंद्रे ने धर्मेंद्र मांडवी के नेतृत्व में मेडिकल टीम को तुरंत स्कूल रवाना किया।
स्वास्थ्य विभाग ने 32 विद्यार्थियों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया, जबकि 40 बच्चों को स्कूल परिसर में ही विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां दी गईं। उपचार के बाद सभी विद्यार्थियों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई और बाद में सभी को घर भेज दिया गया।
घटना से प्रभावित विद्यार्थियों ने बताया कि वे प्रार्थना के बाद कक्षा में बैठे ही थे। तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड खिड़की से अंदर आ गया। कक्षा में चीख-पुकार मच गई।
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खुद को बचाने के लिए विद्यार्थी दौड़ते हुए बाहर निकलने लगे। इस दौरान कई बच्चे एक-दूसरे से टकराए और गिरते हुए बाहर पहुंचे। कई विद्यार्थियों के चेहरे और आसपास डंक लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम अनिकेत साहू और तहसीलदार कमल किशोर साहू भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूल और अस्पताल का निरीक्षण किया, स्वास्थ्य विभाग से उपचार की जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल की प्राचार्य शोभा श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल के पीछे मधुमक्खियों का छत्ता बना हुआ था। सभी बच्चों का समय रहते उपचार कर दिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य है। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्कूल परिसर के पास बने मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने की कार्रवाई कराई जाएगी।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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