शुक्रवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पीएम राहत योजना और ई-डार प्रणाली के क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य सड़क हा-दसा पीड़ितों तक त्वरित और प्रभावी सहायता पहुंचाना है। प्रशिक्षण का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी निदेशक अमित देवांगन और स्टेट मैनेजर सारांश ने किया।
योजना का मुख्य उद्देश्य उपचार में होने वाली देरी को रोकना और पीड़ितों की जान बचाना है। इसे 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से जोड़ा गया है, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही नजदीकी अस्पताल की पहचान की जा सके या एम्बुलेंस की व्यवस्था तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। इससे पीड़ितों को जल्द चिकित्सा सुविधा मिलना सुनिश्चित होगा।
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योजना के तहत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद शुरुआती 24 घंटे तक तत्काल उपचार दिया जाएगा। वहीं गंभीर और जीवन रक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तुरंत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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