जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले उसने अपनी 30 वर्षीय पत्नी और अपने दो बेटों, जिनकी उम्र 4 साल और 18 महीने थी, की जान ली। इसके बाद वह करीब 6 किलोमीटर दूर दूसरे गांव पहुंचा और वहां 17 वर्षीय पीड़िता, उसकी मां और नानी पर हमला कर उनकी जान ले ली। पीड़िता ने 16 मई को राजकुमार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था।
पीड़िता के मामा नरेश ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले से ही पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहा था। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद भी उसे पूछताछ या रिमांड के लिए नहीं लिया गया। परिवार ने पुलिस को कई बार बताया था कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और लड़की को नुकसान पहुंचाने की बात कह रहा है, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि मामला दर्ज होने के दो दिन बाद ही आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। परिवार का आरोप है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और इसी वजह से इतनी बड़ी घटना हो गई।
छह लोगों की जान लेने के बाद राजकुमार फरार था। सोमवार को उसका शव कोथूर मंडल के पेंजरला इलाके में मिला। शव के पास जहर की बोतल भी मिली, जिससे पुलिस ने आशंका जताई कि उसने खुद जहर खाकर जान दे दी।
विज्ञापन
पुलिस ने शव को अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसके माता-पिता और भाई अस्पताल पहुंचे, लेकिन शव देखकर लौट गए। परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने चेवेल्ला नगरपालिका कर्मचारियों की मदद से स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कराया।
पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम सोमवार रात चेवेल्ला सरकारी अस्पताल में किया गया। ड्यूटी डॉक्टरों के तैयार नहीं होने के कारण प्रक्रिया शुरू करने में करीब तीन घंटे की देरी हुई। बाद में डॉ. लक्ष्मीकांत रेड्डी और डॉ. प्रणीत को बुलाया गया और रात 9:30 बजे के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो सका।
विज्ञापन
यह भी पढ़े : गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
यह भी पढ़े : अजब -गजब! शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से महिला की 10 साल की याददाश्त गायब, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
यह भी पढ़े :गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
यह भी पढ़े : ऑनलाइन लोन ऐप का जाल: 20 हजार की मजबूरी कैसे बनी 3 लाख का कर्ज और बर्बादी की कहानी
रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
यह भी पढ़े : अगर आप लोन ऐप के कर्ज में फंस
गए हैं तो क्या करें? जानिए 10 आसान तरीके
यह भी पढ़े : क्रेडिट कार्ड और EMI के जाल से कैसे बचें – पूरा गाइड
यह भी पढ़े :ऑनलाइन लोन ऐप से लोन लेने से पहले ये 7 बातें जरूर जान लें
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे
https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla

.jpg)


