भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : बालोद में पर्यावरण पार्क के मजदूरों की हालत बदतर, महीनों से मजदूरी नहीं मिली
बालोद जिले के पर्यावरण पार्क में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों की ज़िंदगी इन दिनों मुश्किलों से भरी हुई है। कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें उनकी मेहनताना नहीं मिल पाई है। कुछ मजदूरों को सिर्फ 4000 रुपये मिले, जबकि बाकी रकम का अब तक कोई हिसाब नहीं मिला।
346 रुपये की तय मजदूरी, लेकिन जेब अब भी खाली
करीब 50 मजदूर मई 2025 से इस पार्क में घास काटने, मिट्टी-मुरुम डालने और सफाई जैसे काम कर रहे हैं। इन्हें कैंप मद से 346 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रखा गया था, लेकिन अब तीन महीने बीत चुके हैं और एक भी बार पूरा भुगतान नहीं हुआ।
"घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे" जैसी ही स्थिति यहां भी है – मजदूरों ने कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, पर मिला सिर्फ आश्वासन।
मजदूरों ने मंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन…
वन मंत्री केदार कश्यप जब "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पर्यावरण पार्क पहुंचे, तो मजदूरों ने अपनी बात रखने की कोशिश की। लेकिन उन्हें मंत्री से मिलने से रोक दिया गया। इसके बाद मजदूरों ने मीडिया से बात की और अपनी पीड़ा बयां की।
विज्ञापन
यह भी पढ़े-शिवनाथ नदी में बह गया 22 साल का युवक: दोस्तों संग पहुंचा था घूमने, SDRF ने निकाला शव..
विज्ञापन
मंत्री कश्यप का सख्त रुख – अधिकारियों को लगाई फटकार
मामला सामने आने के बाद मंत्री केदार कश्यप ने नाराज़गी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि मजदूरों का बकाया तुरंत भुगतान किया जाए ताकि किसी का चूल्हा न बुझे।
यह भी पढ़े -राशन कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कैसे करें? जानिए ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीका स्टेप-बाय-स्टेप
यह भी पढ़े - हर सुबह सिर्फ 1 मिनट, 7 पत्ते और खत्म होंगी 8 बड़ी बीमारियां – जानिए कढ़ी पत्ते का जादू..
यह भी पढ़े - मानसून में सुबह उठते ही गले में खराश? अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय, वरना बढ़ सकती है परेशानी.
यह भी पढ़े -मानसून में भीगे कपड़ों से बदबू और फंगस से पाएं छुटकारा – ये आसान देसी उपाय आपके काम जरूर आएंगे..
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |




