CG में जलप्रलय जैसे हालात: कोरबा में बांगो डैम के 8 गेट खुले, 32 गांवों में अलर्ट; बलरामपुर हादसे में 5 शव मिले, 2 अब भी लापता..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग) कोरबा में लगातार बारिश का असर अब खतरनाक रूप ले चुका है।

मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर 358.10 मीटर तक पहुंच गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए डैम के 8 गेट खोल दिए गए हैं।हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है लगभग 49,904 क्यूसेक पानी।

बांगो डैम के खुले गेटों से बहता पानी | कोरबा बारिश अपडेट और बलरामपुर हादसा

इस वजह से डैम के आसपास बसे 32 गांवों में एहतियातन अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से पानी का बहाव काफी तेज़ है और नदी किनारे डर का माहौल बना हुआ है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी की चेतावनी दी गई है।बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। रायपुर में सुबह से बादल छाए हुए हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है।

बलरामपुर में बांध फटने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।लगातार बारिश के चलते मंगलवार देर रात बांध टूट गया, जिससे निचले इलाकों के 4 घर बह गए।5 शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 2 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।बलरामपुर से आई तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं, जहां लोग अपना सब कुछ बहता देख रहे हैं।

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पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में बारिश की रफ्तार तेज़ रही।  बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा के कुछ क्षेत्रों में आज फिर से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

कोरबा के कई निचले इलाकों में पानी भर गया।
मानिकपुर, रविशंकर नगर, सीतामढ़ी और खरमोर जैसे इलाकों में घरों में पानी घुस गया और सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

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अब जानिए क्या होता है ‘लो प्रेशर एरिया’?
जब किसी जगह का तापमान बहुत अधिक हो जाता है, तो वहां की हवा ऊपर उठने लगती है, जिससे नीचे का वायुदाब कम हो जाता है।ऐसे स्थानों को ‘लो प्रेशर एरिया’ कहते हैं। इसके कारण आसपास की हवा उस जगह की ओर खिंचती है, और ऊपर जाकर ठंडी होकर बादल बनाती है—यही बारिश और तूफानों की वजह बनता है।

भारत में मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले लो प्रेशर एरिया ही देशभर में भारी बारिश और चक्रवात का कारण बनते हैं।

उदाहरण के तौर पर, अगर बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनता है तो वो ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड होते हुए यूपी तक बारिश करवा देता है।

🙏 अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
अगर आप इन जिलों से हैं, तो मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनियों को हल्के में ना लें।
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