सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश: स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों से हटाये जाये आवारा कुत्ते, नसबंदी के बाद शेल्टर होम में रखे जाने के निर्देश


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब सख्ती से हटेंगे आवारा कुत्ते!

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से आवारा कुत्तों को दूर रखने का आदेश जारी किया है। अदालत ने साफ कहा है कि अब इन संवेदनशील जगहों पर कुत्तों की आवाजाही रोकने के लिए बाड़ लगाना जरूरी होगा।

अब नहीं छोड़े जाएंगे पकड़ने की जगह पर

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जो आवारा कुत्ते पकड़े जाएंगे, उन्हें दोबारा उसी जगह पर नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे कुत्तों को नसबंदी के बाद शेल्टर होम में रखा जाएगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी नेशनल और स्टेट हाईवे से आवारा पशु हटाने के भी निर्देश दिए हैं।

                                        सुप्रीम कोर्ट का आदेश - स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों से आवारा कुत्ते हटाने का निर्देश - supreme court stray dogs order image

राज्यों को तीन हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का आदेश

सर्वोच्च अदालत ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है कि वे इस फैसले का सख्ती से पालन कराएं। कोर्ट ने कहा कि तीन हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई 13 जनवरी को तय की गई है।

राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश अब पूरे देश में लागू

राजस्थान हाईकोर्ट ने तीन महीने पहले ही सरकारी एजेंसियों को सड़कों से आवारा जानवर हटाने का आदेश दिया था और कार्रवाई रोकने वालों के खिलाफ FIR के निर्देश दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला पूरे देश में लागू करने को कहा है।

कोर्ट के आदेश की 5 बड़ी बातें:

• नेशनल हाईवे पर आवारा पशु दिखने की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर लगाए जाएंगे।
• सभी राज्य सरकारें 3 हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करेंगी।
• दो हफ्ते में ऐसे स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की पहचान करनी होगी, जहां आवारा जानवर घूमते हैं, और उनकी एंट्री रोकने के लिए बाड़ लगाई जाएगी।
• हर कैंपस की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नगर निगम, पालिका और पंचायत हर तीन महीने में निरीक्षण करेंगी।
• पकड़े गए कुत्तों को वापस उसी जगह नहीं छोड़ा जाएगा ज
हां से उन्हें उठाया गया था/

3 नवंबर को कोर्ट ने किया था बड़ा ऐलान

सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को कहा था कि सरकारी बिल्डिंग्स के कैंपस में कुत्तों को खाना खिलाने के लिए नियम बनाए जाएंगे। साथ ही चेतावनी दी थी कि हलफनामे में चूक हुई तो मुख्य सचिवों को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।

कैसे शुरू हुआ मामला

  • यह मामला तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया। रिपोर्ट में दिल्ली में बच्चों पर आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज के मामलों की जानकारी दी गई थी। बाद में कोर्ट ने इस केस को सिर्फ दिल्ली-एनसीआर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लागू कर दिया।

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