दुर्ग में नसबंदी के दौरान दर्दनाक हादसा! दो महिलाओं की मौत, दवा के रिएक्शन की आशंका से मचा हड़कंप..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।

जिला अस्पताल में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में दोनों की मौत हो गई।मामले में दवा के रिएक्शन की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

सर्जरी करने वाली टीम की प्रमुख डॉ. उज्जवला देवांगन ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ही दोनों महिलाओं को झटके आने लगे और शरीर में अकड़न शुरू हो गई।स्थिति गंभीर होते ही उन्हें आनन-फानन में ओटी से 200 मीटर दूर स्थित आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उनकी हालत और बिगड़ गई।

                                Durg hospital tragedy — Nasbandi ke dauran dava reaction se do mahilao ki maut, hospital me afra-tafri

सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के मुताबिक, 27 वर्षीय पूजा यादव (बजरंग नगर निवासी) ने आईसीयू में दम तोड़ दिया।वहीं 30 वर्षीय किरण यादव (सिकोला भाटा निवासी) को परिजन निजी अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांस थम गई।आईसीयू के ड्यूटी डॉक्टर ने CPR देकर बचाने की कोशिश की, मगर नाकाम रहे।

डॉ. मिंज ने बताया कि दोनों की मौत का कारण सर्जरी के दौरान लगी किसी दवा का रिएक्शन हो सकता है।
डॉ. उज्जवला ने भी यही आशंका जताई है।दोनों महिलाएं सुबह तक बिल्कुल स्वस्थ थीं, उनकी अचानक हुई मौत ने परिवारों को सदमे में डाल दिया।

केस – 1 : पूजा यादव

पूजा यादव ने कुछ दिन पहले ही गर्भपात कराया था।परिजनों के अनुसार, चार दिन पहले खून की कमी के चलते उसे एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था, लेकिन तब कोई परेशानी नहीं हुई।चार दिन बाद जब उसने नसबंदी कराई, तो सर्जरी के दौरान ही हालत बिगड़ गई।

डॉ. मिंज के मुताबिक पूजा को नसबंदी के दौरान 3 एमएल बुपीवाकेन इंजेक्शन, 1 एमजी मिडाज इंजेक्शन और 2 बोतल रिंगर लैक्टेट (RL) दिया गया था।

केस – 2 : किरण यादव

किरण यादव ने उसी दिन सुबह सिजेरियन से बच्चे को जन्म दिया था।सीजर के दौरान ही परिजनों के कहने पर नसबंदी की गई।यह उसका दूसरा बच्चा था।

सर्जरी में किरण को 2.2 एमएल बुपीवाकेन इंजेक्शन, ऑक्सीटोसीन 10 IU इंजेक्शन, 2 RL (रिंगर लैक्टेट) और 1 डीएनएस दिया गया था।लेकिन नसबंदी के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और शाम तक उसने दम तोड़ दिया।

जांच जारी

सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि दोनों महिलाओं को सीजर और नसबंदी के दौरान झटके आने लगे थे।
उनकी बॉडी में अकड़न बढ़ती गई, जिसके बाद आईसीयू में भर्ती कर जीवन रक्षक दवाएं दी गईं, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि दवा के रिएक्शन की संभावना सबसे ज्यादा लग रही है।दोनों महिलाओं को दी गई दवाओं को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है, जिससे मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।


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