भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा नाम बनने की तैयारी में है। सिविल लाइन्स में प्रदेश का पहला आईटी पार्क विकसित कर दिया गया है, जिसने शहर में नए अवसरों की हलचल बढ़ा दी है।
24 नवंबर को आईटी पार्क के संचालन को लेकर IIT भिलाई और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच एमओयू पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए गए। यह दुर्ग के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार आईटी सेक्टर से जुड़ी सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी।
IIT भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने बताया कि यह राज्य का पहला ऐसा केंद्र होगा जहां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, एआई, रोबोटिक्स, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और स्टार्टअप एक्टिविटीज़ पर फोकस रहेगा।
अभी तक देश और प्रदेश की 35 कंपनियों ने यहां काम करने और स्टार्टअप शुरू करने में रुचि दिखाई है। पार्क में करीब 100 कंपनियों के लिए जगह उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दुर्ग की तकनीकी तस्वीर बदलने वाला है।
दुर्ग बनेगा तकनीकी हब
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि आइटी पार्क के शुरू होने से दुर्ग तकनीकी हब के रूप में उभरेगा। युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण का अवसर अब अपने ही जिले में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक सीखने के लिए युवाओं को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि बड़ी कंपनियां खुद दुर्ग आ रही हैं।
हाईटेक सुविधाओं से लैस पार्क
सिविल लाइन्स में 3,900 वर्ग मीटर भूमि पर बना यह आईटी पार्क 2,907.26 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल वाला है। पहले से बने महिला छात्रावास को आधुनिक आईटी पार्क के रूप में तैयार किया गया है।
पार्क में 40 बड़े ऑफिस रूम, 5 मल्टीफंक्शन हॉल, मेस और सुरक्षा के लिए पूरी बाउंड्रीवॉल शामिल है। हर ऑफिस में कंपनियों के संचालन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रोजगार का नया केंद्र बनेगा दुर्ग
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि प्रतिभा हर जगह है, पर अवसरों की कमी से लोग बाहर जाते हैं। यह आईटी पार्क युवाओं के पलायन को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा और दुर्ग में रोजगार बढ़ाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी पार्क से दुर्ग-भिलाई का डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। स्थानीय युवाओं को स्किल्ड मैनपावर के रूप में पहचान मिलेगी और वे वैश्विक मानक की तकनीकों पर काम कर सकेंगे।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह और IIT भिलाई की टीम मौजूद रही। एमओयू पर IIT भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश और नगर निगम आयुक्त सुमीत अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए।
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