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BIG BREAKING : बहुचर्चित बिरनपुर मामले के 17 आरोपियों को कोर्ट से राहत! कोर्ट ने दिया दोषमुक्त करार..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। बहुचर्चित बिरनपुर मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

जिला न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। कुल 64 अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज किए गए। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए 17 लोगों को रिहा कर दिया।

बेमेतरा जिला न्यायालय का फैसला, बिरनपुर मामले में 17 आरोपियों को दोषमुक्त

दोषमुक्त किए गए लोगों में चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28), ग्राम खैरी थाना साजा निवासी मनीष वर्मा (23), कोरवाय निवासी समारू नेताम (43), पदमी निवासी पूरन पटेल (19), राजकुमार निषाद (19), भोला निषाद (23), पेंडरवानी निवासी दूधनाथ साहू (27), अरुण रजक (18), चंदन साहू (20), होमेन्द्र नेताम (25), कोगियाखुर्द निवासी टाकेन्द्र साहू (22), राम निषाद (19), मासुलगोदी निवासी संजय कुमार साहू (25), चिंताराम साहू (68), लोकेश साहू (23), वरूण साहू (18 वर्ष 3 माह) और राजेश साहू (23) शामिल हैं।

मामले में साजा थाना में कुल 173 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 302, 147, 148, 149, 153 (3), 201, 109 और 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला आया है।

क्या था पूरा मामला?

बिरनपुर की घटना की शुरुआत दो बच्चों के बीच मामूली विवाद से हुई थी। देखते ही देखते मामला दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पि-टा-ई के बाद मौत हो गई थी।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। गांव में आ-ग-ज-नी की घटनाएं हुईं और मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) व उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी जा-न ले-ने की घटना सामने आई। प्रशासन ने हालात को देखते हुए धारा 144 लागू की, जो करीब दो सप्ताह तक प्रभावी रही।

जांच के दौरान पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में मामला सीबीआई को सौंपा गया, जहां जांच में 6 और नाम जोड़े गए। इस तरह कुल 18 आरोपी इस प्रकरण में शामिल रहे।

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि घटना के दौरान भीड़ ने न केवल भुनेश्वर साहू पर हमला किया, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी प-थ-र बा-जी की। सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर और उनकी टीम जब स्थिति संभालने पहुंची तो उन पर भी प-थ-र फेंके गए, जिससे वे बेहोश हो गए थे।

घटना के दौरान प-थ-र, ईंट और चा-कू से हमले की बात भी सामने आई। बाद में भुनेश्वर साहू को गंभीर हालत में साजा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

यह मामला पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना रहा। इसका असर छत्तीसगढ़ की राजनीति पर भी देखने को मिला।

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