रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी जिलों में योजनाबद्ध, संगठित और निरंतर प्रयास शुरू किए गए, जिसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया।
यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का आंकड़ा पार किया है। मानसून अवधि के बावजूद औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन की मिसाल पेश की है।
इस उपलब्धि में जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की बड़ी भूमिका रही। बिलासपुर जिले में 29,235, महासमुंद में 27,224, बलरामपुर में 27,012, कोरबा में 26,839 और रायगढ़ में 26,707 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया। वहीं मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली और जैजैपुर जनपद पंचायतों ने भी 7,500 से अधिक आवास बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य शुरू किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। इसके परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनी हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के लिए राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएं और 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं।
इसके अलावा हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन के लिए कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिसके तहत प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 माह में 5 लाख घरों का निर्माण पूरा होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। यह केवल मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने इसे सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम बताया।
विज्ञापन
यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..
यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.
यह भी पढ़े -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे



