विज्ञापन

दुर्ग गैंग-रेप केस: वारदात को अंजाम देने “सीजी गवर्नमेंट” गाड़ी का इस्तेमाल, दुर्ग-उतई रेस्ट हाउस में वीडियोग्राफी..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग जिले से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप का मामला अब नए खुलासों के साथ सुर्खियों में है। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए “ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट” लिखी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने मामले में दो गाड़ियां जब्त कर ली हैं। इनमें से एक पर साफ तौर पर “ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट” लिखा हुआ है। आरोपी भीम नारायण पांडेय (बीएन पांडेय) और संजय पंडित को कोर्ट की अनुमति के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।

गैंगरेप केस में दुर्ग-उतई रेस्ट हाउस में वीडियोग्राफी, जब्त सीजी गवर्नमेंट गाड़ी के साथ पुलिस जांच

रिमांड के दौरान दोनों को दुर्ग रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और उतई रेस्ट हाउस समेत अन्य जगहों पर ले जाकर जांच की गई। गवाहों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और अहम सबूत जुटाए गए। घटना में इस्तेमाल गाड़ियां और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

बताया गया कि दोनों फरार आरोपी 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान भीमनारायण पांडे की निशानदेही पर कार क्रमांक CG-07-AU-352 जब्त की गई। वहीं संजय पंडित से ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन और एक अन्य इंडिगो कार CG-07-AT-7047 बरामद की गई।

दो दिन की रिमांड पूरी होने के बाद 15 फरवरी को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया। अब तक इस मामले में कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे और संजय पंडित शामिल हैं। पुलिस अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटा रही है।

पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप है कि उसके साथ 7 सालों तक गैंगरेप होता रहा। आरोपियों में पीडब्ल्यूडी विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी और एक सांसद के पूर्व पीए का नाम भी सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, साल 2018 में 14 वर्षीय नाबालिग अपनी मां के साथ बिलासपुर से दुर्ग आई थी। एक रिश्तेदार ने नौकरी के लिए गोविंद सिंह ठाकुर से मुलाकात करवाई थी, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ था। मां-बेटी को सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी क्वार्टर में ठहराया गया और मां को झाड़ू-पोछा का काम दिलाया गया।

आरोप है कि जब मां काम पर चली जाती थी, तब पीड़िता घर पर अकेली रहती थी। इसी दौरान अप्रैल 2018 के अंतिम सप्ताह में गोविंद ठाकुर और विभाग के कर्मचारी राजू कश्यप ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे दुर्ग से भगा दिया जाएगा।मामले की जांच लगातार जारी है और पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..

यह भी पढ़े -जरूरत की खबर: छोटे बच्चों को चाय-कॉफी देना बन सकता है खतरा, फोकस और ब्रेन डेवलपमेंट पर पड़ता है सीधा असर..

यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.

यह भी पढ़े - दुर्ग के होटल में शारीरिक संबंध से इंकार पर गर्लफ्रेंड की हत्या! बाइक पर लाश बीच में बिठाकर रायपुर लाए आरोपी, रायपुर युवती हत्याकांड में बड़ा खुलासा ,यूपी से गिरफ्तार..

यह भी पढ़े -जीभ के स्वाद की चुकाई भारी कीमत! फास्टफूड के पत्ता गोभी से गया कीड़ा, दिमाग में बनी गांठें और चली गई युवती की जान..

यह भी पढ़े  -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/IpwXxsrsm4JK3nX8WVmi1J