इस नए कानून के तहत अगर कोई अभ्यर्थी नकल करते पकड़ा जाता है, तो उसका रिजल्ट रोका जाएगा और उसे 1 से 3 साल तक परीक्षा देने से बैन किया जाएगा। हालांकि यह बैन स्थायी नहीं होगा और तय समय के बाद वह फिर से परीक्षा दे सकेगा।
वहीं, गड़बड़ी में शामिल अन्य लोगों के लिए भी कड़े प्रावधान रखे गए हैं। ऐसे मामलों में 3 से 10 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अगर मामला गंभीर हुआ, जैसे पेपर लीक, अवैध एंट्री या रिकॉर्ड में छेड़छाड़, तो 1 से 5 साल तक की जेल और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना तय किया गया है।
छत्तीसगढ़ परीक्षा गड़बड़ी रोकथाम बिल 2026 – मुख्य पॉइंट्स
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नकल और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर सख्ती
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3 से 10 साल तक की जेल का प्रावधान
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10 लाख रुपये तक जुर्माना
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व्हिसलब्लोअर (सूचना देने वालों) की पहचान गोपनीय रखी जाएगी
नकल करते पकड़े जाने पर:
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अभ्यर्थी का रिजल्ट रोका जाएगा
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1 से 3 साल तक परीक्षा देने पर प्रतिबंध
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प्रतिबंध के बाद स्थायी रूप से बाहर नहीं किया जाएगा
गंभीर गड़बड़ी (पेपर लीक, अवैध प्रवेश, रिकॉर्ड छेड़छाड़):
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1 से 5 साल तक की जे*ल
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5 लाख रुपये तक जुर्माना
संस्थान और एजेंसियों पर कार्रवाई:
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1 करोड़ रुपये तक जुर्माना
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कम से कम 3 साल तक परीक्षा कराने से बैन
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परीक्षा खर्च की वसूली भी होगी
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई:
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डायरेक्टर/अधिकारी की सहमति या लापरवाही पर
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3 से 10 साल तक की जेल
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1 करोड़ रुपये तक जुर्माना
CG स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 – मुख्य पॉइंट्स
बोर्ड क्या करेगा:
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तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां करेगा
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सभी विभागों की भर्ती प्रक्रिया को एक समान बनाएगा
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परीक्षा, इंटरव्यू और स्किल टेस्ट आयोजित करेगा
बड़े बदलाव:
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अलग-अलग विभागों की भर्ती प्रक्रिया खत्म
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एक ही विज्ञापन से कई पदों पर भर्ती संभव
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व्यापम को मिलाकर यह नया बोर्ड बनाया गया
अभ्यर्थियों को फायदा:
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हर साल तय समय पर परीक्षा
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एग्जाम कैलेंडर जारी होगा
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बार-बार आवेदन की झंझट खत्म
बोर्ड की संरचना:
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चेयरमैन: प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर का अधिकारी
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अधिकतम 3 सदस्य (जॉइंट सेक्रेटरी स्तर)
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एक सचिव और परीक्षा नियंत्रक
अन्य प्रावधान:
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नकल या गड़बड़ी पर कार्रवाई का अधिकार
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प्रोफेशनल कोर्स की प्रवेश परीक्षाएं भी कराएगा
हर साल लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान
सिर्फ अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों और संस्थाओं पर भी सख्ती होगी। दोषी पाए जाने पर 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगेगा, साथ ही कम से कम 3 साल तक परीक्षा कराने से बैन किया जाएगा और खर्च की वसूली भी होगी।
इसके साथ ही स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 भी पास किया गया है। अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियां एक ही प्लेटफॉर्म से की जाएंगी। इससे अलग-अलग विभागों की अलग भर्ती प्रक्रिया खत्म होगी। व्यापम को भी इस नए बोर्ड में शामिल किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया ज्यादा सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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