शुक्रवार को विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से पारित किया गया। इस फैसले के बाद अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी राहत भरे बदलाव किए हैं। वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन को खत्म कर फिर से हेक्टेयर दर लागू कर दी गई है। इससे छोटे जमीन मालिकों को 300 से 400 करोड़ रुपये तक का फायदा मिलने का अनुमान है।
इसके साथ ही कृषि भूमि पर ढाई गुना मूल्यांकन और पेड़ों के अलग मूल्यांकन जैसे जटिल नियमों को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल और किफायती होगी।
ओपी चौधरी ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को भी अब आसान बनाया जा रहा है। ‘वीजा ऑफिस’ की तरह सिस्टम को स्मार्ट किया जा रहा है, जिससे रजिस्ट्री होते ही अपने आप नामांतरण हो जाएगा। अब तक करीब 1.5 लाख लोग इसका लाभ ले चुके हैं।
सुगम एप के जरिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। साथ ही 10 रजिस्ट्री कार्यालयों को पीपीपी मोड पर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह फैसला आम नागरिकों, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए लिया गया है। यह कदम न केवल आर्थिक बोझ कम करेगा, बल्कि घर और जमीन खरीदने के सपनों को भी नई ताकत देगा।
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