जानकारी के अनुसार, कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अभिजीत के निर्देश पर जिले के सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण कराया गया। इस दौरान कई अस्पतालों में नियमों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद 48 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया।
जिले में कुल 124 निजी अस्पतालों की जांच की गई। जांच में 48 अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं और नियमों की कमी पाई गई, जिसके बाद उन्हें 30 दिन के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस दिया गया था।
अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि समय पर सुधार नहीं करने पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के अनुसार, अस्पतालों से जवाब मिलने के बाद दोबारा निरीक्षण किया गया।
दूसरी जांच में 5 अस्पतालों में फिर से खामियां पाई गईं। इन अस्पतालों ने जरूरी सुधार नहीं किए थे और नियमों का उल्लंघन जारी था। इसके बाद प्रशासन ने दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल (जामगांव आर, पाटन), प्राची हॉस्पिटल (पुलगांव), जीवन ज्योति हॉस्पिटल (वार्ड 5, जामुल भिलाई), आईएमआई हॉस्पिटल (न्यू खुर्सीपार भिलाई) और आशीर्वाद नर्सिंग होम (जीई रोड, भिलाई) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों में साफ-सफाई, जरूरी मशीनें, स्टाफ और इलाज की उचित व्यवस्था होना अनिवार्य है।
प्रशासन ने साफ किया है कि बाकी अस्पतालों की भी लगातार निगरानी की जाएगी और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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