दरअसल, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण तेल संकट गहराया है। इसी वजह से भारत में भी लॉकडाउन जैसी स्थिति बनने की अटकलें तेज हो गई थीं। कोविड जैसे हालात दोबारा बनने की आशंका से लोग असमंजस में थे।
किरण रिजिजू ने संसद के बाहर कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और प्रधानमंत्री खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक न फैलाएं।
वहीं, हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के सामने तेल कीमतों को लेकर दो विकल्प थे, लेकिन नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार ने खुद आर्थिक बोझ उठाने का फैसला किया है।
सरकार का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत ने पहले भी मजबूती दिखाई है और आगे भी हालात को संभालने के लिए समय पर कदम उठाए जाएंगे। केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
लॉकडाउन की अफवाह तब तेज हुई जब प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में वैश्विक हालात को लेकर सतर्क रहने की बात कही थी। कहा था हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।कुछ लोगों ने इस बयान को गलत तरीके से लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन शब्द तेजी से ट्रेंड करने लगा।
ऐसे समय में जरूरी है कि हम अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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