जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने फा-यरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।
जंगल के बीच दोनों तरफ से रुक-रुक कर गो-लीबारी चलती रही। इस मुठभेड़ में एक नक्सली के मा-रे जाने की बात सामने आई है। फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। इस ऑपरेशन की निगरानी सुकमा एसपी किरण चव्हाण कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मा-रा गया नक्सली प्लाटून नंबर-31 का सेक्शन कमांडर मूचाकी कैलाश था। वह पूलनपाड़ थाना चिंतलनार का रहने वाला था और आम लोगों की ह-त्या, हमलों और IED ब्लास्ट की साजिश में वांटेड था।
इधर, कांकेर जिले से एक अलग तस्वीर सामने आई है। यहां 28 मार्च को तीन नक्सलियों ने सरेंडर किया। जानकारी मिलते ही परतापुर थाने के SI रामेश्वर चतुर्वेदी खुद जंगल पहुंचे और सरेंडर से पहले नक्सलियों को खाना खिलाया। इसका वीडियो भी सामने आया है।
बताया गया कि तीनों नक्सली जंगल में भूखे-प्यासे घूम रहे थे। पुलिस ने पहले उनके लिए भोजन की व्यवस्था की, फिर उन्हें सुरक्षित थाने तक लाया गया। राधिका कुंजाम, संदीप कड़ियाम और रैनु पद्मा ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
इससे पहले 25 मार्च को भी बड़ा सरेंडर हुआ था, जब नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए थे। पापाराव को बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर माना जा रहा था।
अब 31 मार्च 2026 की तय डेडलाइन में सिर्फ दो दिन बाकी हैं। बस्तर रेंज के IG सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बाकी नक्सलियों से अपील की है कि वे समझदारी दिखाते हुए सरेंडर कर दें।
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