पुलिस के मुताबिक 26 जून को वडोदरा में गार्मेंट व्यापारी आशीष बकोलिया पर फा◌यरिं◌ग की गई थी। इस मामले में रिसाली निवासी गुरजीत सिंह और आनंद पुरम, भिलाई निवासी विक्रम प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच में सामने आया है कि दोनों ने विदेश में हुए पुराने विवाद का बदला लेने की नीयत से पहले व्यापारी की कई बार रेकी की और फिर उस पर फा◌यरिं◌ग की। हालांकि गनीमत रही कि गो◌ली व्यापारी के हाथ में लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद दोनों आरोपी वापस भिलाई लौट आए थे।
डेढ़ महीने पुराने सुराग से पहुंची पुलिस
जांच के दौरान गुजरात पुलिस को करीब डेढ़ महीने पुराना एक फुटेज मिला। इसके साथ ही एक होटल से आधार कार्ड भी बरामद हुआ। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश करते हुए दुर्ग पहुंची।
बताया गया कि दोनों आरोपी जब एक-दूसरे से मिलने के लिए बाजार में घूम रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर लिया। दुर्ग पुलिस की टीम ने पहले गुरजीत सिंह की पहचान की और फिर संयुक्त कार्रवाई शुरू की।गुरजीत को सुपेला क्षेत्र से और विक्रम प्रताप सिंह को जेपी चौक के पास से गिरफ्तार किया गया।
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विदेश में हुआ था विवाद
दुर्ग पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विक्रम प्रताप सिंह, गार्मेंट व्यापारी आशीष के साथ फिजी में काम करता था। वहीं दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
करीब पांच महीने पहले विक्रम भारत लौट आया। इसके बाद उसने गुरजीत सिंह से संपर्क किया। बताया गया कि गुरजीत के भाई ने दोनों की दोस्ती कराई थी।
करीब दो महीने पहले दोनों भिलाई में मिले और व्यापारी पर हमला करने की योजना बनाई। इसके बाद बिहार से देसी पिस्टल खरीदी गई। पुलिस के अनुसार दोनों व्यापारी की रेकी करने के लिए चार बार वडोदरा भी गए और वहीं होटल में ठहरे थे।
26 जून की रात किया था हमला
पुलिस के मुताबिक 26 जून की रात व्यापारी अपनी कार से घर लौट रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपी उसका पीछा करते हुए वाघोडिया चौकड़ी तक पहुंचे और उस पर फा◌यरिं◌ग कर मौके से फरार हो गए।
घटना के समय एक आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि पीछे बैठे दूसरे आरोपी ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था। घटना के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले, जिनकी मदद से जांच आगे बढ़ी।
व्यापारी पर भी विदेश में दर्ज है मामला
जानकारी के अनुसार व्यापारी आशीष के खिलाफ फिजी में धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। इसके बाद वह गुजरात लौट आया था। मूल रूप से वह दिल्ली का रहने वाला है, लेकिन फिजी से लौटने के बाद वडोदरा में गार्मेंट का व्यवसाय कर रहा था और अपने परिवार के साथ प्राइम सिटी सोसायटी में रहता था।
पुलिस के मुताबिक गुजरात से लाई गई सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सबसे पहले गुरजीत सिंह की पहचान हुई। पूछताछ में उसने बताया कि फा◌यरिं◌ग की घटना में विक्रम प्रताप सिंह शामिल था। इसके बाद विक्रम को भी हिरासत में लिया गया।
जानकारी के मुताबिक आरोपियों को पकड़ने के लिए गुजरात से करीब 15 सदस्यीय पुलिस टीम भिलाई पहुंची थी। गुरुवार शाम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गुजरात पुलिस अपने साथ ले गई।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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