यह पूरा मामला दुर्ग जिले के ग्राम दरबार मोखली का है, जहां विवाद के बाद सास ने दामाद पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। वहीं पत्नी ने बाद में शव छिपाने में उसका साथ दिया।
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सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश पाटन दुलार सिंह निर्मलकर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पारिवारिक रिश्तों में भी ऐसे जघन्य अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले में अपर लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने पैरवी की।
इस घटना की सबसे अहम कड़ी घर में मौजूद दो मासूम बच्चियां रहीं, जिन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी थी। उनकी गवाही कोर्ट में निर्णायक साबित हुई।
घटना 29 अगस्त 2024 की है। गांव के एक बंद घर से तेज दुर्गंध आने पर सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी। जब ग्रामीणों और कोटवार ने ताला तोड़कर अंदर देखा, तो एक सड़ी-गली ला-श मिली।
शव की पहचान 30 वर्षीय टिकेश्वर देशमुख के रूप में हुई, जो अपनी पत्नी अनिता और सास भारती वर्मा के साथ उसी घर में रहता था। सूचना मिलते ही रानीतराई पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि 26 अगस्त को जन्माष्टमी उत्सव से लौटने के बाद टिकेश्वर और उसकी सास के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान टिकेश्वर ने अपनी सास के साथ मारपीट की, जिससे वह गुस्से में आ गई।
रात में जब सभी सो गए, तब सास भारती वर्मा ने कुल्हाड़ी से दामाद के सिर पर कई वा-र कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौ-त हो गई।
घटना के समय पास में सो रही पत्नी अनिता देशमुख ने सब कुछ देखा, लेकिन पति को बचाने के बजाय अपनी मां का साथ दिया। दोनों ने मिलकर शव को घर के पास एक खंडहरनुमा कमरे में छिपा दिया।
अगले दिन दोनों ने घर में ताला लगाया और इलाज का बहाना बनाकर दुर्ग चले गए, ताकि किसी को शक न हो। इस दौरान भारती वर्मा ने अपने भाई को फोन कर खुद के घायल होने की बात कही।
जब उसका भाई गांव पहुंचा, तो घर बंद मिला। कोटवार के साथ अंदर जाकर देखा, तो शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दुर्ग जिला अस्पताल से हिरासत में लिया। पूछताछ में सास ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मामले में पुलिस ने ह-त्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में बीएनएस की धारा 103 और 238/3(5) के तहत केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया।
कोर्ट में पेश सबूतों और गवाहों के आधार पर यह साबित हुआ कि भारती वर्मा ने दामाद की हत्या की, जबकि अनिता देशमुख ने शव छिपाकर सबूत मिटाने में मदद की।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा जरूरी है।
कोर्ट ने सास भारती वर्मा को धारा 103 के तहत उम्रकैद और 1000 रुपए जुर्माना, साथ ही धारा 238(3)(5) के तहत 7 साल की सजा सुनाई।
वहीं पत्नी अनिता देशमुख को धारा 238(3)(5) के तहत 7 साल का सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर 5 महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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